न्यूज़ और समीक्षा

शुक्रवार, 11 जून 2010

Swami Vivekananda Speech at Chicago - Welcome Address

प्रस्तुतकर्ता Deepak chaubey पर 4:54 pm 2 टिप्‍पणियां:
इसे ईमेल करेंइसे ब्लॉग करें! X पर शेयर करेंFacebook पर शेयर करेंPinterest पर शेयर करें
नई पोस्ट पुराने पोस्ट मुख्यपृष्ठ
सदस्यता लें टिप्पणियाँ (Atom)

website Development @ affordable Price


For Website Development Please Contact at +91- 9911518386

पेज

  • मुख्यपृष्ठ
  • Disclaimer

If You like our blog Please click on button bellow to support

If You like our blog Please click on button bellow to support
Gunjan
मेरा पूरा प्रोफ़ाइल देखें
  • भागवत गीता (2)
  • मेरी कवितायेँ (24)
  • ►  2022 (6)
    • ►  सितंबर (6)
  • ►  2019 (1)
    • ►  जुलाई (1)
  • ►  2016 (45)
    • ►  दिसंबर (4)
    • ►  नवंबर (2)
    • ►  अक्टूबर (3)
    • ►  सितंबर (2)
    • ►  अगस्त (2)
    • ►  जुलाई (2)
    • ►  जून (4)
    • ►  मई (17)
    • ►  अप्रैल (9)
  • ►  2012 (8)
    • ►  दिसंबर (1)
    • ►  नवंबर (1)
    • ►  जून (1)
    • ►  मई (2)
    • ►  अप्रैल (1)
    • ►  मार्च (1)
    • ►  जनवरी (1)
  • ►  2011 (15)
    • ►  नवंबर (1)
    • ►  अक्टूबर (2)
    • ►  सितंबर (10)
    • ►  अगस्त (1)
    • ►  अप्रैल (1)
  • ▼  2010 (15)
    • ►  नवंबर (4)
    • ►  सितंबर (1)
    • ►  अगस्त (4)
    • ►  जुलाई (2)
    • ▼  जून (1)
      • Swami Vivekananda Speech at Chicago - Welcome Address
    • ►  मई (3)
  • ►  2009 (13)
    • ►  अगस्त (2)
    • ►  जुलाई (8)
    • ►  जून (3)
  • भागवत गीता (2)
  • महादेवी वर्मा (1)
  • मेरी कवितायेँ (24)
  • रामधारी सिंह 'दिनकर (4)
  • सुमित्रानंदन पंत (1)
  • सूर्यकांत त्रिपाठी "निराला" (3)
  • हरिवंश राय बच्चन (5)

फ़ॉलोअर

आप लोगों ने पसंद किया

  • ढोल, गंवार, शुद्र, पशु , नारी । सकल ताड़ना के अधिकारी
    दरअसल.... कुछ लोग इस चौपाई का अपनी बुद्धि और अतिज्ञान के अनुसार ..... विपरीत अर्थ निकालकर तुलसी दास जी और रामचरित मानस पर आक्षेप लगाते...
  • बचपन की दीपावली, कुछ यादें
    कहते है त्यौहार बच्चो के होते हैं , उनके लिए त्योहारों का अर्थ होता है नए कपडे, मिठाईयां इत्यादि | बच्चे त्योहारों का इंतज़ार करते है और बड़...
  • जगमग करती दिवाली फिर प्यार लुटाने आई है !!!
    जगमग करती दिवाली फिर प्यार लुटाने आई है हर जीवन में शुभ प्रकाश हो , ये संदेसा लायी है जगमग - जगमग दीप जले हैं, सुन्दर - सुन्दर प्यारे - ...
  • मेरे जीवन की सुन्दर सी तस्वीर तुम,
    मेरे नयनो के सपनो का हो नीर तुम, मेरे धड़कन के साँसों की जंजीर तुम, तुम हो तो ये जीवन में संगीत है , मेरे जीवन की सुन्दर सी तस्वीर तुम,...
  • हर शाम को जब मैं तनहा रहता हूँ ,क्या जानिये खुद से मैं क्या कहता रहता हूँ
    हर शाम को जब मैं तनहा रहता हूँ ,क्या जानिये खुद से मैं क्या कहता रहता हूँ ................. शायद मैं अकेले में तेरे अक्स से मिलता हूँ, मि...
  • परिचय / रामधारी सिंह "दिनकर"
    सलिल कण हूँ, या पारावार हूँ मैं स्वयं छाया, स्वयं आधार हूँ मैं बँधा हूँ, स्वपन हूँ, लघु वृत हूँ मैं नहीं तो व्योम का विस्तार हूँ म...
  • इस धरा का हर मनुश्य पैसे के लिए बिक गया है
    कोमल कुसुम पुष्प सादृश्य वह मन को बहुत सुहाति थी हृदय हिलोरें लेता था जब वो मुझसे मिलने आती थी वादे कर कसमें खाए हम सातो जनम निभाने का...
  • हिन्दू धर्म के त्यौहार आने पर हिन्दुओ की मूर्खता
    हिन्दू धर्म के त्यौहार आने पर हिन्दुओ की मूर्खता- आजकल एक बड़ा खतरनाक प्रचलन चला है हिन्दुओं में, वह यह कि जैसे ही कोई त्यौहार आने वाला...
  • जो भी है जैसा भी है बस बना रहे बनारस
     बनारस एक संस्कार है, बनारस एक संस्कृति है. बनारस की आदतें हैं, . बनारस का अपना स्वभाव है......बनारस के घाट, काशी की संस्कृति और यहां का हर...
  • कौंध दामिनी सी स्मृतिया , उर में आग लगा जाती हैं
    कौंध दामिनी सी स्मृतिया , उर में आग लगा जाती हैं . सम्मोहन स्वर मन में उभरे , बिरह मेघ जगा जाती हैं. बिरह मेघ की बूंदों से नयन जलज हो जाते...

AddThis

Bookmark and Share

मेरी ब्लॉग सूची

  • उन्मुक्त
    मौज-मस्ती जरूरी है
    2 हफ़्ते पहले
  • मो सम कौन कुटिल खल कामी.. ?
    ऑफिशिएटिंग अवार्ड
    11 महीने पहले
  • न दैन्यं न पलायनम्
    सज्जन-मन
    3 वर्ष पहले
  • एक आलसी का चिठ्ठा
    thinking of my father ऐसे ही
    4 वर्ष पहले
  • सफ़ेद घर
    कल्पना...!
    6 वर्ष पहले
  • सामाजिक समस्याएं
    अर्थमेव जयते!
    13 वर्ष पहले
  • विचार शून्य
    वो पगली नहीं है !
    14 वर्ष पहले

For Website Development Please Contact at +91- 9911518386
www.hamarivani.com

CG Blog

डिस्क्लेमर

यह पाठ्य सामग्री आम धारणाओं और इंटरनेट पर मौजूद सामग्री के आधार पर लिखी गई है . हम इसकी पुष्टि नहीं करते है। किसी भी ऑब्जेक्शन के सन्दर्भ में प्लीज Gunjanchaubey1987@gmail.com पर मेल करे

सरल थीम. Blogger द्वारा संचालित.