शुक्रवार, 9 सितंबर 2022

नासा ने जारी किया अलर्ट , एस्टेरॉयड बढ़ रहा है हमारी धरती की ओर

 नासा के द्वारा जारी अलर्ट के अनुसार एक एस्टेरॉयड पृथ्वी की ओर काफी तेजी से बढ़ रहा है , क्या यह हमारी धरती से टकरा जायेगा ? आईये देखते है नासा ने क्या कहा ?



नासा के अनुसार एक बहुत ही विशाल लगभग 180 फुट का एस्टेरॉयड जिसका नाम एस्टेरॉयड 2022  क्यूबी रखा गया है हमारी धरती की तरफ बहुत तेजी से बढ़ रहा रहा है।  कल यह पृथ्वी यानि की हमारी प्यारी धरती के काफी पास से गुजरेगा। इतना बड़ा एस्टेरॉयड  अगर हमारी धरती से टकराता तो सब कुछ ख़त्म हो जाता पर ऐसा नहीं होगा।  सब लोग सुरक्षित रहेंगे।

नासा के अनुसार एस्टेरॉयड 2022 क्यूबी हमारी धरती से तो नहीं टकराएगा जो हमारी धरती से केवल 54 लाख किलोमीटर की दूरी पर है और 63000 किमी प्रति घंटे की गति से हमारी ओर आ रहा है।  हालाँकि इस एस्टेरॉयड  से हमें कोई खतरा नहीं पर खतरनाक रूप से इतने पास से गुजरने के कारण नासा ने इसे एस्टेरॉयड 2 के खतरनाक ग्रुप में रखा है।

नासा के प्लैनेटरी प्रोटेक्शन कोआर्डिनेशन वर्कप्लेस टेलिस्कोप से इसे देखा जा सकता है

गुरुवार, 8 सितंबर 2022

भारत रत्न डॉ भूपेन हज़ारिका के जन्मदिवस पर गूगल डूडल ने दी श्रद्धांजलि


96 वे जन्मदिवस पर गूगल ने अपने डूडल के मध्यम से भूपेन हजारिका को श्रद्धांजलि दी है। 


Photo Credit: Google

आज है भूपेन हज़ारिका का जन्म दिवस

भूपेन हज़ारिका ने सैकड़ो फिल्मो में गया और उनके लिए संगीत तैयार किया।  वे आसाम से थे।  भूपेन हज़ारिका का जन्म ८ सितम्बर १९२६ को हुआ था।  भूपेन हज़ारिका एक प्रसिद्द गायक थे।  भूपेन हज़ारिका अपनी मूल भाषा के अलावा हिंदी बांग्ला समेत कई अन्य भाषाओ में भी गीत गाये। हिंदी में उनके कुछ न भूलने वाले गीतों मो "दिल हूँ हूँ करे" मेरे पसंदीदा गीतों में से एक है।

 १० साल की उम्र में ही संगीत करियर की शुरुआत

काफी काम उम्र में ही भूपेन हज़ारिका ने फिल्मो के लिए गाने लिखने शुरू कर चुके थे।  उनकी प्रतिभा को प्रसिद्द असमिया गीतकार , ज्योतिप्रसाद अग्रवाल और फिल्म निर्माता विष्णु प्रसाद राभा ने पहचाना और मात्रा १० साल की उम्र में ही संगीत करियर को शुरू करने में मदद की।  १२ साल के उम्र तक आते आते हज़ारिका दो फिल्मो के गाने लिख और रिकॉर्ड कर चुके थे। इंद्रमालती: काक्सोटे कोलोसी लोई, और बिसवो बिजॉय नौजवान।

जन्म और माता पिता

भूपेंद्र हज़ारिका का जन्म सादिया में ८ सितम्बर १९२६ को हुआ था।  इनके पिता का नाम नीलकंठ हज़ारिका और माता का नाम शांतिप्रिय हज़ारिका था। 

डॉ हज़ारिका की शिक्षा

प्रारंभिक शिक्षा के बाद भूपेन हज़ारिका ने १९४६ में राजनीती विज्ञान में बनारस हिन्दू यूनिवर्सिटी से स्नातकोत्तर की उपाधि प्राप्त की और इसके बाद १९५२ में कोलम्बिया यूनिवर्सिटी से जनसंचार में पीएचडी की उपाधि प्राप्त करने के बाद भारत लौट आये

पुरष्कार और उपलब्धिया

 डॉ हज़ारिका को भारत का सर्वोच्च नागरिक पुरष्कार भारत रत्न से सम्मानित किया गया है।  इसके अलावा उनके संगीत और संस्कृति में सर्वश्रेष्ठ योगदान के लिए संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार , दादा साहेब फाल्के पुरस्कार , पद्म श्री , पद्म भूषण जैसे कई प्रतिष्ठित पुरस्कारों से सम्मानित किया गया

 उन्हें अपनी संस्कृति से काफी लगाव था और इसको लोकप्रिय बनाने के लिए वे लगातार इससे सम्बन्धित गीतों और फिल्मो पर काम करते रहे।


गुरुवार, 25 जुलाई 2019

मेरे जीवन की सुन्दर सी तस्वीर तुम,

मेरे नयनो के सपनो का हो नीर तुम,
मेरे धड़कन के साँसों की जंजीर तुम,
तुम हो तो ये जीवन में संगीत है ,
मेरे जीवन की सुन्दर सी तस्वीर तुम,,,,,

इस जीवन में सुख-दुःख की लड़ियाँ भी है ,
कुछ खुला आसमां, हथकड़ियां भी है ,
कुछ खट्टा सा मीठा सा अनुभव रहा ,
जिंदगी तेरे साथ कुछ बढ़िया सी है ,,,,

साथ में हम सदा मुस्कराते रहे ,
अपने सपनो की डोली सजाते रहे,
कट जाए ये जीवन साथ चलते हुए ,
प्रेम की लौ सदा हम जलाते रहे,,,

बुधवार, 21 दिसंबर 2016

पेटीएम को लगी पेपाल की नज़र , किया कॉपीराइट उलंघन का केस

लगता है पेटीएम के अच्छे दिनों को नज़र लग गयी है.ये नज़र भी अजीब होती है तभी लगाती है जब कुछ अच्छा हो रहा हो तभी लगती है. अब जब पेटीएम नोटबंदी को भुना रहा था. अपने प्रचार जोरो शोरो से कर रहा था. जगह जगह बैनर पोस्टर लगा रहा था, गांव गांव में कैशलेस ट्रांजैक्शन को बढ़ावा देने के मुहीम पर लगा था की पेपाल ने पेटीएम पर कॉपीराइट उलंघन का केस कर दिया. कैलिफोर्निया की पेमेंट गेटवे कंपनी पेपाल ने भारत में ट्रेडमार्क ऑफिस में केस किया है और ये दावा किया है की पेटीएम ने जानबूझकर वही रंग इस्तेमाल किया है जो पेपाल अपने लोगो में करता है.

हिंदुस्तान टाइम्स के अनुसार पेपाल ने कहा है की पेटीम ने पहला शब्द गहरे नीले रंग और दूसरा रंग हलके नीले रंग का इस्तेमाल किया है. पहला शब्द भी दोनों में एक ही है जिससे लोगो के बीच गलतफहमी की स्तिथि पैदा हो रही है. क्योंकि पेपाल 1999 से ही अपने लोगो में इन रंगों का इस्तेमाल कर रहा है और साथ ही पहला शब्द पे भी इस्तेमाल कर रहा है इसलिए कॉपीराइट उलंघन का केस बनाता है. अगर ये आरोप सही पाए जाते है तो पेटीएम अपने ट्रेडमार्क का इस्तेमाल नहीं कर पायेगा. जो कंपनी के इमेज के लिए बहुत नुकसानदायक साबित हो सकता है. साथ ही आरोप सही पाए जाने पर एक बड़ी राशि भी जुर्माने के रूप में देनी पड़ेगी.


वैसे पेटीएम भी अपना ट्रेडमार्क पिछले 6 सालो से इस्तेमाल कर रहा है तो पेपाल को अब क्यों अपना लोगो याद आ रहा है. क्या यह पेपाल का पेटीएम की उपलब्धियों को भुनाने की कोशिश तो नहीं .? पेपाल का यही समय चुनना उसे भी सवालो के घेरे में तो खड़ा करता ही है. 

कहते है मुसीबत आती है तो चारो ओर से ही आती है. पेटीएम पर अभी चीन को फायदा पहुचाने का रूप तो लग ही रहा था की फाइनेंसियल एक्सप्रेस के अनुसार पेटीएम को इस शुक्रवार को 48 यूज़र्स ने करीब 6 .15   लाख का चुना लगा दिया है. पी टी आई के रिपोर्ट के अनुसार अब इस केस को सी बी आई देख रही है.कंपनी का कहना है की ग्राहकों को भेजे गए उत्पादों में कोई कमी की स्तिथि में या क्षतिग्रस्त उत्पादों को एक रिवर्स प्रक्रिया के तहत ब्यापारियों को वापस भेज दिया जाता है तथा क्षतिग्रस्त उत्पादों के लिए भुगpतान भी किया जाता है. यह सारी प्रक्रिया एक टीम के द्वारा किया जाता है जिन्हें विशेष आईडी और पासवर्ड दिया जाता है. आरोप लगाया गया है की 48 ग्राहकों के मामले में इन्हें रिफंड मिला जबकि इनके प्रोडक्ट की डिलेवरी सफल और संतोषजनक रही थी. इससे एक बड़े धोकाधड़ी का मामला बनता है.  प्रश्न यह भी उठता है की क्या ऐसी स्तिथि में पेटीएम को पेमेंट बैंक में कैसे बदला जा सकता है.

ऐसा भी नहीं है की पेटीएम पर पहली बार किसी कंपनी ने केस किया हो. इसके पहले मोबिविक ने पेटीएम पर कैशबैक ऑफर के लिए विदेशी पूजी का निवेश बताया था. हालाँकि फ्लिपकार्ट और अन्य कई कंपनिया भी डिस्काउंट ऑफर के लिए विदेशी पूँजी का सहारा लेती है.

इससे पहले इस तरह का केस ई बे ने जोमाटो पर किया था .

रविवार, 18 दिसंबर 2016

आधार कार्ड और कैशलेस ट्रांजैक्शन

आधार कार्ड और कैशलेस ट्रांजैक्शन
नोटबंदी के बाद लोगो को पैसो को लेकर काफी समस्यायों का सामना करना पड़ रहा है. एटीएम और बैंको में कैश की कमी को देखते हुए कैशलेस ट्रांजैक्शन ही एक बेहतर विकल्प नजर आ रहा है . सरकार भी इस तरफ गंभीरता से सोच रही है. ज्यादा से ज्यादा लोगो को कैशलेस ट्रांजक्शन से जोड़ने के लिए  नए नए तरीके ले कर आ रही है.  इसी के तहत अब कैशलेस ट्रांजैक्शन के लिए आधार कार्ड के प्रयोग पर काम कर रही है. ये कैशलेश के तरफ बढ़ने वाला सबसे क्रांतिकारी कदम होने जा रहा है.

इनफोकस लांच करेगा आधार इनेबल्ड फ़ोन

सरकार जल्द से जल्द आधार इनेबल्ड पेमेंट के लिए ऐप बनाने की कोशिश कर रही है. मोबाइल कंपनिया नए मोबाइल सेट में फिंगरप्रिंट या आईरिस की पहचान करने वाला सिस्टम बनाने पर विचार कर रहे है. इसी कड़ी में अभी कुछ दिन पहले ही इनफोकस ने भारत में जल्द ही ऐसा स्मार्टफोन लांच करने का एलान किया है जो उपभोक्ता के लिए आधार कार्ड का काम करेगी. इस फ़ोन को इनफोकस एम425 नाम दिया गया है. अमेरिका की मोबाइल बनाने वाली कंपनी इनफोकस का कहना है की इस फ़ोन में आईरिस स्कैनर लगा होगा. इस फ़ोन की कीमत करीब12000 रुपये बताई जा रही है. इनफोकस के अनुसार,  इसे एस टी क्यू सी (स्टैंडर्डाइजेशन टेस्टिंग ऐंड क्वॉलिटी सर्टिफिकेशन) मिला है. बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन में आइरिश रिकॉग्निशन डिवाइसेस के इस्तेमाल के लिए  एस टी क्यू सी सर्टिफिकेशन दिया जाता है. इनफोकस एम425में सुपीरियर इमेज क्वालिटी असेसमेंट एल्गोरिदम होगाजिससे सही आईडेन्टिफिकेशन की जा सकेगी. इनफोकसयू आई डी ए आई के अलावा केन्या अमेरिका और कोलम्बिया  में सरकारी एजेंसियों के साथ मिलकर काम करती है. अब तक सिर्फ सैमसंग ही ऐसी कंपनी है जो गैलेक्सी टैब में आईरिस टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर रही है.

आईये देखते है की क्या होगा ये सिस्टम और यह कैसे काम करेगा.

आधार कार्ड में आपकी पूरी डिटेल दर्ज होती है. देश भर में लोगो को आधार कार्ड जारी करने वाले यू आई डी ए आई के पास लोगो के फिंगरप्रिंट और आँखों की पहचान यानि आईरिस डाटा मौजूद होगा. लेन देन करने वालो का आधार नंबर बैंक से लिंक होना जरूरी होगा. इसके बाद आपको आधार इनेबल्ड डिवाइस पर या स्मार्टफोन पर अंगूठा या अपने आँखों की पहचान देनी होगी. पहचान मैच होते ही पेमेंट हो जायेगा. फिंगरप्रिंट या आईरिस के जरिये ही पेमेंट होगा. डिजिटल लेन देन में आधार नंबर का सिस्टम शुरू करने के लिए सरकारी कोशिशे जोरो पर है. आँध्रप्रदेश में आधार नंबर पर राशन बाटने की योजना सफल रही है. 
क्या होंगे फायदे
आधार इनेबल्ड पेमेंट सिस्टम यानि  (ए इ पी एस) के चलन में आते ही बहुत सारी समस्याएं एक झटके में ख़तम हो जाएँगी. बैंको पर भी काम का दबाव कम होगा. आधार इनेबल्ड पेमेंट सिस्टम के और भी फायदे है जैसे आप अपने खाते का बैलेंस पता कर सकते है.  पैसा निकाल सकते है. पैसा जमा कर सकते है. दूकान पर पेमेंट कर सकते है. इसका सबसे बड़ा फायदा तो यह है की लोग पिन और पासवर्ड जैसी प्रक्रिया से बच जायेंगे. पैसा उपभोक्ता के अकाउंट से दूकानदार के अकाउंट में सीधे चला जायेगा. आधार नंबर का डिजिटल सिस्टम लागु होने पर लोगो को डेबिट या क्रेडिट कार्ड ले कर चलने से छुटकारा मिलेगा. साथ ही कार्ड के पिन याद करने के झंझट से भी मुक्ति मिलेगी. कार्ड के खो जाने का भी डर ख़त्म हो जायेगा. आधार इनेबल्ड पेमेंट सिस्टम के सफल हो जाने पर सरकार कैशलेश ट्रांजैक्शन में आम आदमी को जोड़ सकेगी.

क्या हो सकते है नुकसान

एसोचैम ( दी एसोसिएटेड चैम्बर्स ऑफ़ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री ऑफ़ इंडिया ) और एक रिसर्च फर्म ई वाई के रिपोर्ट के अनुसार भारत में मोबाइल फ्रॉड 60 से 65 प्रतिशत तक बढ़ने की संभावना है. साथ ही साथ नेटबैंकिंगडेबिट और क्रेडिट कार्ड के फ्रॉड भी बढ़ेंगे. ऐसे में सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती करोड़ो लोगो के बायोमेट्रिक डाटा को सुरक्षित और इस्तेमाल लायक बनाना होगा. इसके अलावा आपको पैसे के लेन देन के लिए आपका मौजूद रहना जरूरी होगा.

रविवार, 11 दिसंबर 2016

भारत संचार निगम लिमिटेड यानी बीएसएनएल और एयरसेल लेकर आये अनलिमिटेड कालिंग

रिलायंस कि जियो ऑफर 5 सितम्बर को लांच किया था | जियो कि यह ऑफर तीन महीने के लिए था जिसकी अवधी अब बढ़ा कर 31 मार्च 2016 तक कर दिया गया है | जियो के इस ऑफर के बाद अन्य कंपनियों ने भी अपने प्लान सस्ते करने शुरू कर दिए | अब बीएसएनएल  जियो से टक्कर लेने के लिए एक शानदार प्लान लाया है | इस प्लान से 149 रुपये में अनलिमिटेड लोकल और एसटीडी कॉल कर पाएंगे | यह प्लान एक महीने के लिए होगा | इस प्लान को एक जनवरी से शुरू होने की संभावना है |

जैसा की बताया जा रहा है इस प्लान में अनलिमिटेड कॉल के अलावा 300 MB डाटा और 100 एसटीडी और लोकल SMS भी शामिल है इस प्लान से बीएसएनएल , रिलायंस जियो को टक्कर दे सकता है |

ठीक इसी तरह का प्लान एयरसेल ने भी लांच किया है | हिंदुस्तान के अनुसार एयरसेल 148 रुपये में तीन महीने अनलिमिटेड कालिंग कि प्लान लाया है | एयरसेल ने इस प्लान कि नाम ऍफ़ आर सी 148 रखा है |

इस प्लान में आपको एयरसेल टु एयरसेल अनलिमिटेड कालिंग कि लाभ मिलेगा | अन्य नेटवर्क पर भी आप 250 मिनट लोकल व एसटीडी बात कर सकते है | 250 मिनट समाप्त होने के बाद 30पैसा/ मिनट कि चार्ज लगेगा | इस प्लान के लिए आपको 148 के अलावा तीन महीने में कम से कम 50 रुपये कि रिचार्ज करना होगा |

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