गुरुवार, 22 सितंबर 2022

Puerto Rico में तबाही मचने के बाद Fiona तूफ़ान बरमूडा की तरफ बढ़ा


 Puerto  Rico में तबाही मचने के बाद Fiona तूफ़ान बरमूडा की तरफ बढ़ चला है।  यह अटलांटिक महासागर में पहला बड़ा तूफ़ान है।  नेशनल  हरिकेन सेण्टर ने बताया है की हवा करीब १३० किमी प्रति घंटे के हिसाब से बरमूडा की तरफ बढ़ रहा तूफ़ान संभवतः इस सप्ताह के अंत तक कमजोर हो सकता है। 

Fiona तूफ़ान  Puerto  Rico में लैंडफॉल के बाद और अधिक तेज हो गया है। तेज तूफ़ान और बाढ़ आने की वजह से बिजली गुल हो गयी।  इतनी बड़ी तबाही २०१७ के मरिया तूफ़ान के बाद से नहीं देखि गयी थी।  कम से कम चार लोगो के मरने की पुष्टि Institute of Forensic साइंसेज ने बुधवार को की। 


NHC के  अनुसार Bermuda में  Fiona से कम से कम २ से ४ इंच बारिश हो सकती है। जबकि कनाडा में कही कही ३ से ६ इंच तो कही २ से ५ इंच तक बारिश ला सकता है 

कम से कम आधे लोगो को Puerto  Rico  में इस तूफ़ान की वजह से बिना पानी के रहना पड़ा और ट्रको से पानी लेने के लिए घंटो लाइन में लगे रहे वही कुछ लोगो ने पहाड़ो से आते पानी से काम चलाया। 

तूफ़ान के बाद एक बार फिर बुनियादी सुविधाओं का न होना कई लोगो के लिए परेशां करने वाली स्तिथि है।  

इतने बड़े तूफ़ान जहा कम से कम दो फ़ीट की बारिश हुई  के बाद  के बाद लोग अपने घरो से मिटटी निकाल रहे है।  

poweroutage.us के अनुसार, पुरे Puerto  Rico में लगभग चार दिन से बिजली की समस्या लगातार बानी हुई है और चौथे दिन भी लगभग १० लाख लोग बिजली के बिना रहे। एक रिपोर्ट के अनुसार लगभग एक तिहाई में ही बिजली की सुविधा मिल पा रही है जबकि ४०% में पानी की सेवा नहीं मिल पा रही। 


अमेरिकी स्वास्थ्य और मानव सेवा विभाग ने आपातकाल की घोसड़ा कर दी है इसके साथ ही द्वीप पर कुछ टीमों को तैनात कर दिया है। 


भले ही Fiona तूफ़ान इसलैंड्स से दूर जा रहा हो लेकिन अगर एक्सपर्ट्स की माने तो जैसे - जैसे यह तूफ़ान तेज होगा, बहमास और तुर्क में भारी बारिश का कारण बनेगा। पुर्वनुमानकर्ताओ के अनुसार लगभग १० इंच तक बारिश हो सकती है 


रविवार, 11 सितंबर 2022

ब्रह्मास्त्र मूवी समीक्षा (Brahmastra Movie Review)

 

 

 फ़िल्म बनने में टाइम लगता है हम सब को पता है लेकिन जब फिल्म बनने पुरे 11 साल लग जाएं तो वो कोई मामूली फ़िल्म नहीं हो सकती और हमें समझाना भी नहीं चाहिए इसीलिए कुछ लोग कह रहे है की ब्रह्मास्त्र पूरे बॉलीवुड की किस्मत का फैसला करेगी।
कथावस्तु
 ब्रह्मास्त्र में कुछ लोग जो एक साथ मिलकर एक ग्रुप चला रहे हैं  जिसका नाम ब्रह्मास्त्र है। इन सब के पास अपनी अपनी स्पेशल पावर्स है  अब इस ग्रुप के लोग एक के बाद एक मरने लगते है और इन्हे कोई क्यों मार रहा है बस यही है फिल्म तो मेरे हिसाब से  बर्ह्मास्त्र ना तो कोई मास्टरपीस है और ना ही डिज़ास्टर, एकदम बैलेंस में चल रहा है  फ़िल्म में कुछ ऐसे मोमेंट्स आते हैं जो शायद आज तक किसी इंडियन फ़िल्म में बमुश्किल दिखते है या नहीं ही दिखे होंग। ये जो अस्त्र यूनिवर्स का कॉन्सेप्ट है उसको बड़े स्क्रीन पे देखने में मज़ा आता है हाँ लेकिन विसुअल इफ़ेक्ट के नाम पर कलर आपको इधर उधर उड़ते दिखते रहेंगे।  फिल्म शुरआत के 10 मिनट में काफी अच्छी स्पीड पकड़ती है और मजा आता है लेकिन उसके बाद प्रेम कहानी शुरू हो जाती है और जब भी कुछ होने वाला हो फिल्म में गाने शुरू हो जाते है। पूरी फिल्म देखने के बाद आप को लगेगा की आप आये थे सुपरहीरो को मूवी देखने और आप देख कर जा रहे है एक लव स्ट्रोरी जिसके पास कुछ स्पेशल पावर्स है। सिर्फ कैरेक्टर का नाम शिवा रखने से फिल्म हिन्दू माइथोलॉजी से नहीं जुड़ जाती।  फिल्म का नाम ब्रह्मास्त्र तो रख दिया पर ब्रह्मास्त्र क्या है, इसकी क्या इम्पोर्टेंस है , हिस्ट्री क्या है कुछ भी नहीं बताया गया है और क्लाइमेक्स देखकर आप अपना सर धून लेंगे।  सबको पता है अच्छाई पर बुराई की जीत होती है पर इतनी डायलॉग बाजी की हद है बाल नोचने का मन करता है। रणवीर और आलिया आपको स्क्रीन पर बार बार दिखते रहेंगे लेकिन दोनों ने कुछ भी ऐसा नहीं किया है की आप थिएटर से बहार निकले और उन्हें याद रखे।  फिल्म में अमिताभ बच्चन और नागार्जुन के लिए भी कुछ ख़ास नहीं था करने को तो अच्छे एक्टर होने के बावजूद कुछ कर नहीं पाए।

इतना अच्छा टॉपिक था क्या क्या नहीं कर सकते थे पर अंत में ऐसा कुछ भी नहीं जिसे देखा सुना न गया हो। मेरे हिसाब से फिल्म एकदम घटिया तो नहीं है पर थिएटर में देखने जाए ऐसा भी नहीं है।  कुछ विसुअल इफेक्ट्स अच्छे है पर कहानी और डायलॉग एकदम बकवास है जैसे एक डायलॉग बहुत फेमस हो रहा की "लाइट का मतलब एक ऐसी रोशनी है "।
तो अगर आप जा रहे है तो जाईये पर मेरी सलाह है की ज्यादा एक्सपेक्टेशन ले के मत जाईयेगा

शनिवार, 10 सितंबर 2022

क्या उन देशो में आएगा बदलाव , जहां आज भी छपती है महारानी की तस्वीर उनके नोटों पर




महारानी एलिज़ाबेथ द्वितीय का निधन स्कॉटलैंड में हो गया है। इन्होने सबसे लम्बे वक़्त तक शाशन किया था। जिसके बाद ब्रिटैन में बहुत कुछ बदल सकता है
महारानी के निधन के बाद उनके बेटे स्वतः ही ब्रिटेन के राजा बन गए है।  जिनकी उम्र लगभग 73  वर्ष है जो ब्रिटेन के इतिहास में सबसे ज्यादा उम्र के व्यक्ति है जो की राजा बनाने वाले है।
सूत्रों के अनुसार महारानी के निधन के बाद ब्रिटेन में काफी कुछ बदल सकता है जिसमे नौ सेना में लगाए गए झंडे भी शामिल है हुए हो सकता है की उन देशो की करेंसी में भी बदलाव किया जाए जिन देशो की करेंसी पर महारानी एलिज़ाबेथ द्वितीय की तस्वीर छपा कराती है। महारानी एलिज़ाबेथ द्वितीय की तस्वीर ऑस्ट्रेलिया , कनाडा समेत कुल 30 से अधिक देशो में उनकी करेंसी पर छपी है।

अगर वाशिंगटन पोस्ट की माने तो पहली बार 1960  में महारानी एलिज़ाबेथ द्वितीय की तस्वीर पौंड की करेंसी पर छपी थी। ऑस्ट्रेलिया में 5 डॉलर और 1 डॉलर के नोट सहित अन्य कई नोटों पर महारानी एलिज़ाबेथ द्वितीय की तस्वीर छपी है। इसके अलावा कई राष्ट्रमंडल देशो में भी उनकी करेंसी पर महारानी की तस्वीर दिखाई देती है।

शुक्रवार, 9 सितंबर 2022

नासा ने जारी किया अलर्ट , एस्टेरॉयड बढ़ रहा है हमारी धरती की ओर

 नासा के द्वारा जारी अलर्ट के अनुसार एक एस्टेरॉयड पृथ्वी की ओर काफी तेजी से बढ़ रहा है , क्या यह हमारी धरती से टकरा जायेगा ? आईये देखते है नासा ने क्या कहा ?



नासा के अनुसार एक बहुत ही विशाल लगभग 180 फुट का एस्टेरॉयड जिसका नाम एस्टेरॉयड 2022  क्यूबी रखा गया है हमारी धरती की तरफ बहुत तेजी से बढ़ रहा रहा है।  कल यह पृथ्वी यानि की हमारी प्यारी धरती के काफी पास से गुजरेगा। इतना बड़ा एस्टेरॉयड  अगर हमारी धरती से टकराता तो सब कुछ ख़त्म हो जाता पर ऐसा नहीं होगा।  सब लोग सुरक्षित रहेंगे।

नासा के अनुसार एस्टेरॉयड 2022 क्यूबी हमारी धरती से तो नहीं टकराएगा जो हमारी धरती से केवल 54 लाख किलोमीटर की दूरी पर है और 63000 किमी प्रति घंटे की गति से हमारी ओर आ रहा है।  हालाँकि इस एस्टेरॉयड  से हमें कोई खतरा नहीं पर खतरनाक रूप से इतने पास से गुजरने के कारण नासा ने इसे एस्टेरॉयड 2 के खतरनाक ग्रुप में रखा है।

नासा के प्लैनेटरी प्रोटेक्शन कोआर्डिनेशन वर्कप्लेस टेलिस्कोप से इसे देखा जा सकता है

गुरुवार, 8 सितंबर 2022

भारत रत्न डॉ भूपेन हज़ारिका के जन्मदिवस पर गूगल डूडल ने दी श्रद्धांजलि


96 वे जन्मदिवस पर गूगल ने अपने डूडल के मध्यम से भूपेन हजारिका को श्रद्धांजलि दी है। 


Photo Credit: Google

आज है भूपेन हज़ारिका का जन्म दिवस

भूपेन हज़ारिका ने सैकड़ो फिल्मो में गया और उनके लिए संगीत तैयार किया।  वे आसाम से थे।  भूपेन हज़ारिका का जन्म ८ सितम्बर १९२६ को हुआ था।  भूपेन हज़ारिका एक प्रसिद्द गायक थे।  भूपेन हज़ारिका अपनी मूल भाषा के अलावा हिंदी बांग्ला समेत कई अन्य भाषाओ में भी गीत गाये। हिंदी में उनके कुछ न भूलने वाले गीतों मो "दिल हूँ हूँ करे" मेरे पसंदीदा गीतों में से एक है।

 १० साल की उम्र में ही संगीत करियर की शुरुआत

काफी काम उम्र में ही भूपेन हज़ारिका ने फिल्मो के लिए गाने लिखने शुरू कर चुके थे।  उनकी प्रतिभा को प्रसिद्द असमिया गीतकार , ज्योतिप्रसाद अग्रवाल और फिल्म निर्माता विष्णु प्रसाद राभा ने पहचाना और मात्रा १० साल की उम्र में ही संगीत करियर को शुरू करने में मदद की।  १२ साल के उम्र तक आते आते हज़ारिका दो फिल्मो के गाने लिख और रिकॉर्ड कर चुके थे। इंद्रमालती: काक्सोटे कोलोसी लोई, और बिसवो बिजॉय नौजवान।

जन्म और माता पिता

भूपेंद्र हज़ारिका का जन्म सादिया में ८ सितम्बर १९२६ को हुआ था।  इनके पिता का नाम नीलकंठ हज़ारिका और माता का नाम शांतिप्रिय हज़ारिका था। 

डॉ हज़ारिका की शिक्षा

प्रारंभिक शिक्षा के बाद भूपेन हज़ारिका ने १९४६ में राजनीती विज्ञान में बनारस हिन्दू यूनिवर्सिटी से स्नातकोत्तर की उपाधि प्राप्त की और इसके बाद १९५२ में कोलम्बिया यूनिवर्सिटी से जनसंचार में पीएचडी की उपाधि प्राप्त करने के बाद भारत लौट आये

पुरष्कार और उपलब्धिया

 डॉ हज़ारिका को भारत का सर्वोच्च नागरिक पुरष्कार भारत रत्न से सम्मानित किया गया है।  इसके अलावा उनके संगीत और संस्कृति में सर्वश्रेष्ठ योगदान के लिए संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार , दादा साहेब फाल्के पुरस्कार , पद्म श्री , पद्म भूषण जैसे कई प्रतिष्ठित पुरस्कारों से सम्मानित किया गया

 उन्हें अपनी संस्कृति से काफी लगाव था और इसको लोकप्रिय बनाने के लिए वे लगातार इससे सम्बन्धित गीतों और फिल्मो पर काम करते रहे।


गुरुवार, 25 जुलाई 2019

मेरे जीवन की सुन्दर सी तस्वीर तुम,

मेरे नयनो के सपनो का हो नीर तुम,
मेरे धड़कन के साँसों की जंजीर तुम,
तुम हो तो ये जीवन में संगीत है ,
मेरे जीवन की सुन्दर सी तस्वीर तुम,,,,,

इस जीवन में सुख-दुःख की लड़ियाँ भी है ,
कुछ खुला आसमां, हथकड़ियां भी है ,
कुछ खट्टा सा मीठा सा अनुभव रहा ,
जिंदगी तेरे साथ कुछ बढ़िया सी है ,,,,

साथ में हम सदा मुस्कराते रहे ,
अपने सपनो की डोली सजाते रहे,
कट जाए ये जीवन साथ चलते हुए ,
प्रेम की लौ सदा हम जलाते रहे,,,

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