बुधवार, 27 अप्रैल 2016

वामपंथ और नारी सशक्तिकरण



वामपंथ भारत और भारतीय मूल्यों के लिए सबसे बड़ा खतरा है|ये झूठ की बुनियाद पर विचारों का वितंडावाद खड़ा करते हैं|इन्होंने चतुराई से तमाम शैक्षिक-साहित्यिक-संस्थानिक इकाइयों पर कब्ज़ा जमा लिया और वेद-उपनिषद-इतिहास-दर्शन आदि की भी मनमानी व्याख्याएँ करने लगे|अनर्गल प्रलाप का विश्वव्यापी ठेका ले रखा है इन्होंने!ये हर चीज की व्याख्या वर्ग-संघर्ष की अपनी संकीर्ण अवधारणा के आधार पर करते हैं और भारत में तो इनकी वर्गीय चेतना भी जातियों में विभक्त है| ये कह रहे हैं कि सिंदूर, पायल,मंगलसूत्र,बिंदी आदि गुलामी के प्रतीक हैं और आर्य स्त्रियाँ इन्हें इसलिए पहनती रहीं कि लंबे समय तक इन्हें साँकल में बाँधकर उसी तरह रखा गया जिस तरह पशुओं को रखा जाता है|ज़रा सोचिए कितना लचर तर्क है,तो क्या कल को ये यह भी कहेंगे कि वस्त्र आदि धारण करना भी गुलामी का प्रतीक है और इसे भी उतारकर फेंक देना चाहिए|इन जाहिलों को कौन समझाए कि मानव-सभ्यता की विकास-यात्रा में सौंदर्य व मूल्य-बोध स्वाभाविक रूप से विकसित होते गए|स्त्रियों का सजना-संवरना उनकी स्वाभाविक रूचि और स्वाधिकारों से जुड़ा मसला है न कि थोपा गया व्यवहार|देश के बहुत से हिस्सों में पुरुष भी कर्णछेदन कराते हैं,वे भी अंगूठी,माला कड़ा आदि पहनते हैं तो क्या उन्हें अनार्य स्त्रियों ने गुलाम बनाया था?जब आभूषण चलन में नहीं आए थे तब भी वनफूलों से जूड़े आदि बनाने का चलन था|सभ्यता के विकास के साथ-साथ चाहे स्त्री हो या पुरुष उनमें स्वयं को सुंदर तरीके से प्रस्तुत करने की प्रवृत्ति पनपी और इसमें कुछ भी अस्वाभविक नहीं है| आर्य-अनार्य का सिद्धांत ही इन्होंने इसलिए गढ़ा है ताकि आसानी से लोगों को लड़ाया जा सके और राष्ट्रीय सोच को कुंद किया जा सके|क्या यह पुरुषवादी मानसिकता नहीं है कि स्त्रियों से यह कहा जाय कि तुम स्वयं को बेहतर तरीके से प्रस्तुत मत करो,कि तुम सजो-संवरो नहीं,कि तुम दीन-हीन-लाचार अवस्था में जीती रहो! इतना ही नहीं ये यौनिक स्वतंत्रता की बात करते हैं,इस स्वतंत्रता में भी गुलामी की वृत्ति छुपी है|एक पुरुष का परित्याग कर किसी अन्य के वरन् में आज़ादी कहाँ हुई?स्त्रियों की आज़ादी के नाम पर ये वामपंथी किसी भी प्रकार के बेसिर-पैर की बात करते हैं और सोचते हैं कि वे जो सोच रहे हैं वह बहुत क्रांतिकारी,बहुत ही क्रांतिकारी है|इन सारी बहसों में एक बार स्त्रियों की राय लेकर भी तो देख लीजिए कॉमरेड,आपको दूध का दूध और पानी का पानी नज़र आ जाएगा!
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